शैक्षणिक भ्रमण हथकरघा विभाग

आज दिनांक 7/02/2025 पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा खरे जी के मार्गदर्शन में एवं विजिटिंग फैकल्टी नितिन गर्ग,अर्पित दुबे के समन्वय से संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास लिमिटेड शहडोल का शैक्षणिक भ्रमण किया गया । एस एस पांडे जी के समन्वय से सहायक कर्मी श्री राम जी शुक्ला जी द्वारा लघु शोध हेतु गए हुए मास्टर ऑफ सोशल वर्क के छात्रों को विभाग से संबंधित जानकारी साझा की किस प्रकार इस विभाग माध्यम से कई सारे हितग्राहियों को यहां पर प्रशिक्षण दिया जाता था पहले एक वर्ष से 45 दिनों तक के प्रशिक्षण प्रदान किए गए और हितग्रहियों ने उसका लाभ लिया और स्वयं के अथवा किसी बड़ी फैक्ट्री में कार्यरत है । हथकरघा उद्योग केवल कपड़ा निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डिज़ाइनिंग, व्यापार, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग भी शामिल है। यह क्षेत्र भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है और लाखों लोगों के लिए आजीविका का साधन है। बांस कला के प्रशिक्षण भी दिए जा चुके है । मिट्टी ,लकड़ी एवं अन्य कई प्रकार की हस्तशिल्प की जानकारी दी गई । उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में भी फंड के माध्यम से विभाग फिर अपने मूल कार्य में पुनः नए युवाओं को रोजगार देने के लिए तैयारी कर रहा है । उस दौरान राम जी शुक्ला द्वारा कुछ ऐतिहासिक बाते भी बताई और कुछ कालीन भी दिखाया गया । धागा जिससे कालीन बनाया जाता था मशीन जिनके माध्यम से दरी एवं कालीन बनाई जाती है उनका भी अवलोकन कराया । उस दौरान भैयालाल प्रजापति,अंसारी जी तथा एम. एस. डब्लू के छात्र का समूह उपस्थित रहा जिनमें शिवम रजक, निधी सिंह,रेशमी नामदेव,संदीप यादव,रोहणी बंजारा की महत्वपूर्ण सहभागिता रही ।

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