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शहडोल संग्रहालय भ्रमण

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मध्य प्रदेश शासन, जिला पुरातत्व संग्रहालय, शहडोल दिनांक: 13 फरवरी 2026 समाज कार्य विभाग, पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा खरे जी के निर्देशन में पुरातत्व संग्रहालय का शैक्षणिक अध्ययन एवं भ्रमण किया गया। यह भ्रमण विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था जो मूर्ति कला से जुड़ी आजीविका (Livelihood through Sculpture Art) विषय पर शोध कर रहे हैं।  अध्ययन का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि मूर्तिकला परंपरा को स्थानीय आजीविका, सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था एवं सामुदायिक विकास से जोड़कर विश्लेषण करना था। भ्रमण के दौरान संग्रहालय के प्रभारी श्री संजय जी एवं उनके सहयोगी मरावी जी द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। और बताया गया की मध्य प्रदेश के 55 जिलों में केवल 34 जिलों में संग्रहालय स्थापित है जिनमें से यह एक प्रमुख संग्रहालय है । जिला पुरातत्व एवं संग्रहालय, शहडोल की स्थापना वर्ष 1981 में की गई। इस संग्रहालय में विंध्य क्षेत्र (शहडोल एवं उमरिया) में बिखरी प्राचीन कलाकृतियों को संग्रहित एवं प्रदर्शित...

आश्रम प्रबंधन एवं संचालन व्यवस्था

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आज दिनांक 21.11.2025 पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल मध्य प्रदेश। विभाग अध्यक्ष समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग प्रोफेसर नीलिमा खरे जी के मार्गदर्शन में । भारतीय परिपेक्ष में आश्रम व्यवस्था को समझने हेतु शहडोल कल्याणपुर स्थित रामसखा आश्रम का भ्रमण किया गया और वहां जाकर के आश्रम के प्रबंधन एवं व्यवस्था को समझने का प्रयास किया गया। छात्रों को विजिटिंग फैकल्टी नितिन गर्ग जी द्वारा बताया गया की भारतीय संस्कृति में आश्रम व्यवस्था एक ऐसी सामाजिक तथा आध्यात्मिक संस्था है, जिसका उद्देश्य मानव जीवन के चरित्र निर्माण, ज्ञानार्जन, आत्मानुशासन, सामाजिक योगदान और मोक्ष की दिशा में मार्गदर्शन करना है। प्राचीन भारत में आश्रम न केवल शिक्षा के केंद्र थे बल्कि सामाजिक सेवा, धार्मिक अनुशासन, कृषि, चिकित्सा, विद्या, पर्यावरण संरक्षण एवं नैतिक मूल्य निर्माण के प्रमुख स्थल भी थे। आधुनिक संदर्भ में भी यह व्यवस्था सामाजिक कार्य, वृद्धजन सेवा, नशा मुक्ति, महिलाओं एवं बच्चों की देखभाल, शिक्षा, योग, ध्यान तथा ग्रामीण विकास जैसी गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए आश्...

सेवा पखवाड़ा

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सेवा पखवाड़ा उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार "सेवा पखवाड़ा "के अंतर्गत आज दिनांक 29/ 9/2025 प्राध्यापक श्रीमती नीलिमा खरे विभागाध्यक्ष समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल एवं आयुष्मान केंद्र शहडोल के समन्वय से " स्वस्थ नारी शसक्त परिवार " विषय पर छात्रों ,स्वास्थ्य विभाग,सम्माननीय जन एवं प्राध्यापक गण के मध्य परिचर्चा का आयोजन किया गया । जिस पर डॉक्टर एकता जी ने स्त्री के लिए स्वस्थ दिनचर्या एवं प्राकृतिक खान -पान पर महत्वपूर्ण चर्चा की  स्त्री का शरीर जीवन के विभिन्न चरणों में अनेक शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों से गुजरता है। ऐसे में संतुलित दिनचर्या और प्राकृतिक आहार उसे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाए रखते हैं।स्वस्थ दिनचर्या सुबह जल्दी उठना और कम से कम 15–20 मिनट प्राणायाम या योग करना तनाव कम करने और शरीर को सक्रिय रखने में सहायक है। नियमित रूप से 30–40 मिनट पैदल चलना, हल्का व्यायाम करना हृदय और हड्डियों को मजबूत बनाता है। पर्याप्त नींद (7–8 घंटे) लेना हार्मोन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य के ...

सेवा पखवाड़ा

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नुक्कड़ नाटक अलमुनियम के बर्तन पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल  दिनांक 20/09/25 एवं 22/09/25 प्रोफेसर नीलिमा खरे विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग जी के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा विभाग के सेवा पखवाड़ा के  तारतम्य में  विश्वविद्यालय के गोद ग्राम में  एवं विश्वविद्यालय के शहडोल परिसर में मास्टर ऑफ सोशल वर्क एवं समाज शास्त्र के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया नुक्कड़ नाटक का प्रमुख विषय घरों में उपयोग होने वाले एल्युमिनियम के बर्तनों पर था एवं दागना प्रथा   पर छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों एवं विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम किया गया। तथा प्रोफेसर नीलिमा जी  द्वारा ग्रामीणों से  समाज में व्याप्त कुरीतियों  दहेज ,बालिका शिक्षा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, गोदना ,दागना,झाड़ - फूंक । ऐसे विषयों पर प्रोफेसर,छात्र एवं समाज के लोगों के बीच संवाद हुआ उस कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए । दहेज सामाजिक अभिशाप है, जो विवाह को बोझ बना देता है।  कन्या भ्रूण हत्या औ...

समाज कार्य में संगीत का महत्व

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पंडित शंभनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल संगीत विभाग के अतिथि व्याख्याता डॉ संजीव द्विवेदी जी छात्रों को मानव जीवन में संगीत का अत्यंत गहरा प्रभाव है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने, तनाव को कम करने और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने का एक सशक्त माध्यम है। समाज कार्य (Social Work) का उद्देश्य व्यक्तियों, समूहों और समुदायों की समस्याओं का समाधान करना, उन्हें प्रेरित करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इस प्रक्रिया में संगीत का प्रयोग एक प्रभावी साधन के रूप में किया जा सकता है, क्योंकि संगीत व्यक्ति के मन और मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव डालता है।  भावनात्मक अभिव्यक्ति का साधन संगीत व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक सहज माध्यम है। समाज कार्य में जब क्लाइंट अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने में कठिनाई महसूस करता है, तब संगीत या गीतों के माध्यम से वह अपनी पीड़ा, खुशी या संघर्ष को आसानी से साझा कर सकता है। यह न केवल क्लाइंट की भावनात्मक शुद्धि (Catharsis) करता है, बल्कि समाज कार्यकर्ता को भी उसकी समस्याओं को गहराई से...

MSW Admission Open 2025-26

MSW Admission link  https://ptsnsuniversity.ac.in/Services.php  M S W क्या होता है।आज आपको msw course के बारे में पूरी जानकारी बताएंगे अगर आप भी इस कोर्स के बारे में पूरी जानकारी को जानना चाहते हैं और इसको करना चाहते हैं msw ka full form kya hai, एम.एस.डब्ल्यू. कोर्स कैसे करें और इसके लिए जॉब किस किस फील्ड में हमको मिल सकता है इसके बारे में पूरी डिटेल इस पोस्ट के अंदर में आपको बताया जाएगा जिसे आप पूरे विस्तार से पढ़ें.आप इसके बारे में जानकारी को अच्छी तरीके से जान सकते हैं वैसे तो एमएसडब्ल्यू सोशल सर्विस का कोर्स है आज के समय में भारत जैसे देश में सबसे ज्यादा संख्या यूथ लोगों की है जो कि देश को बदलने के लिए और बेहतर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और youth साबित कर देते हैं कि देश का सच्चा निर्माण भी कर सकते हैं.तो आज इस पोस्ट के द्वारा ऐसा कोर्स की जानकारी जो कि यंगवर्ल्ड के लिए है और आप सोशल सर्विस यानी कि समाज सेवा का कार्य करना चाहते हैं तो यह कोर्स कर सकते हैं और उस सैक्टर मे सर्विस कर सकते हैं लेकिन आप यह सोच रहे होंगे यह सोशल वर्क का कोर्स है तो फ्री में समाज...

एक दिवसीय कार्यशाला

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मिशन वात्सल्य के तहत किशोर न्याय अधिनियम 2015, पॉक्सो अधिनियम 2012, बाल संरक्षण तथा किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनिमय) अधिनियम 1986 एवं संशोधन अधिनियम 2016 के वैधानिक प्रावधानों पर दिनांक 23.06.2025 को एक दिवसीय जिला स्तरीय  प्रशिक्षण सह-कार्यशाला में मास्टर ऑफ सोशल वर्क के छात्र एवं प्राध्यापकों की  सहभागिता। स्टेकहोल्डर ।