सेवा पखवाड़ा

नुक्कड़ नाटक अलमुनियम के बर्तन


पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल  दिनांक 20/09/25 एवं 22/09/25 प्रोफेसर नीलिमा खरे विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग जी के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा विभाग के सेवा पखवाड़ा के  तारतम्य में  विश्वविद्यालय के गोद ग्राम में  एवं विश्वविद्यालय के शहडोल परिसर में मास्टर ऑफ सोशल वर्क एवं समाज शास्त्र के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया नुक्कड़ नाटक का प्रमुख विषय घरों में उपयोग होने वाले एल्युमिनियम के बर्तनों पर था एवं दागना प्रथा  पर छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों एवं विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम किया गया। तथा प्रोफेसर नीलिमा जी  द्वारा ग्रामीणों से  समाज में व्याप्त कुरीतियों  दहेज ,बालिका शिक्षा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, गोदना ,दागना,झाड़ - फूंक । ऐसे विषयों पर प्रोफेसर,छात्र एवं समाज के लोगों के बीच संवाद हुआ उस कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए । दहेज सामाजिक अभिशाप है, जो विवाह को बोझ बना देता है।  कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह पर भी  जन जागरूकता जरूरी है। बालिका शिक्षा समाज की प्रगति का आधार है। शिक्षित लड़कियां आत्मनिर्भर बनती हैं और सामाजिक विकास करती हैं। शिक्षा से बाल विवाह और भेदभाव कम होते हैं। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन है।इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य प्रभावित होते हैं। इसे रोकने के लिए कानून और जागरूकता जरूरी है। घरेलू हिंसा महिला अधिकारों का उल्लंघन है। यह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण का रूप है।कानून, शिक्षा और परामर्श से इसका समाधान संभव है। गोदना परंपरा आदिवासी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। यह महिलाओं के सौंदर्य और सामाजिक स्थिति से जुड़ा है। आधुनिक समाज में इसे कला और परंपरा दोनों माना जाता है। दागना  बीमारी हेतु दागना अंधविश्वास पर आधारित प्रथा है बीमारियों के इलाज हेतु शरीर पर लोहे से दागा जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और खतरनाक है। झाड़-फूंक अंधविश्वास से जुड़ी परंपरा है। रोगों का इलाज मंत्र और तंत्र से करने का प्रयास होता है। वैज्ञानिक उपचार और शिक्षा से इसे खत्म किया जा सकता है। जैसे विषयों के बारे में संवाद किया गया की वर्तमान में आज हमारे समाज में किस प्रकार की कुरीतियां व्याप्त है और ऐसी कौन सी है जो पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। कार्यक्रम  के दौरान विजिटिंग फैकल्टी नितिन गर्ग, सिद्ध श्री राकेश मिश्रा, कल्याणी,अर्पित दुबे, सहायक प्राध्या सिद्धार्थ मिश्रा एवं  सम्माननीय ग्रामीण जन  विश्वविद्यालय के छात्र आदि उपस्थित रहे
एम एस डब्ल्यू तृतीय सेमेस्टर से आंचल शर्मा, पुष्पलता सिंह, पूजा सिंह, वंदना, अंजली गौतम, भारती, आयुष मिश्रा, कोमल द्विवेदी तथा प्रथम सेमेस्टर से रामबाबू पटेल, खुशबू मिश्रा, विद्या सिंह, कीर्ति पाव, धनेश्वरी, पिंकी कुशवाहा, उमा प्रजापति एवं श्वेता तिवारी सक्रिय रूप से सहभागी रहें ।

 

(Video link of nukkad natak)
https://youtu.be/V-tateubLFk?feature=shared

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