Health Sector PMKVY
आज दिनांक 28/03/24 पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल विभागाध्यक्ष नीलिमा खरे जी के मार्गदर्शन में तथा विजिटिंग फैकल्टी नितिन गर्ग जी के समन्वय में तथा फेस सोसायटी मैनेजर जितेंद्र गर्ग जी के सहयोग से समाज कार्य के विद्यार्थी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे एन.जी.ओ फेस सोसायटी का शैक्षिक भ्रमण किया । मोबाइलाइजर याकूब जी तथा नर्सिंग ट्रेनर मैडम सुहानी कुशवाहा जी ने एम. एम .डब्लू के छात्रों को संस्था का भ्रमण कराया एवं टूल्स से परिचित कराया और कोर्स किस प्रकार से संचालित होता है । कितने छात्रों का बैच वर्तमान में चल रहा । विद्यार्थियों ने वहां यह भी जानने का प्रयास किया वो एम .एस .डब्लू करने के बाद किस इस प्रकार के स्किल सेंटर खोल सकते है । खोलने के लिए क्या करना होगा जैसे आपको सही योजना, लाइसेंस, संसाधन और प्रशिक्षकों की जरूरत होगी। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षण देने का कार्य करेगा, जैसे कि नर्सिंग, मेडिकल सोशल वर्क, काउंसलिंग, फिजियोथेरेपी, कम्युनिटी हेल्थ वर्कर ट्रेनिंग आदि। बिजनेस प्लान तैयार करें सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आपका स्किल सेंटर किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा, जैसे मेडिकल सोशल वर्क, नर्सिंग असिस्टेंट ट्रेनिंग , फिजियोथेरेपी ट्रेनिंग,मेंटल हेल्थ काउंसलिंग,कम्युनिटी हेल्थ वर्कर कोर्स आपको यह भी तय करना होगा कि यह केंद्र सरकार द्वारा प्रमाणित होगा या निजी संस्था के रूप में चलेगा। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस प्राप्त करना होगा फर्म या कंपनी का रजिस्ट्रेशन
MSME रजिस्ट्रेशन यदि छोटे स्तर पर शुरू कर रहे हैं प्राइवेट लिमिटेड कंपनी / सोसाइटी रजिस्ट्रेशन यदि बड़े स्तर पर खोलना चाहते हैं।आवश्यक लाइसेंस और प्रमाणपत्र । नेशनल स्किल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन से मान्यता लेनी होगी । स्थान और आवश्यक संसाधन के अंतर्गत कम से कम 1000-2000 वर्ग फुट का प्रशिक्षण केंद्र क्लासरूम, लैब, सिमुलेशन सेंटर और लाइब्रेरी प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, मेडिकल इक्विपमेंट प्रशिक्षकों और फैकल्टी की नियुक्ति
पाठ्यक्रम और ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार करना होगा आपको एक मजबूत पाठ्यक्रम तैयार करना होगा, जिसमें थ्योरी + प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा सके । रोगी देखभाल और परामर्श
आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं कम्युनिटी हेल्थ वर्कर ट्रेनिंग,मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन और रिपोर्टिंग अगर आप सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोर्स करवाना चाहते हैं, तो NSDC, NIOS, IGNOU, या स्किल इंडिया स्कीम से संबद्धता प्राप्त करना होगा हैं। फंडिंग और निवेश या तो स्वयं की पूंजी ,बैंक लोन,CSR फंडिंग सरकारी योजनाएं (NSDC, PMKVY, DDU-GKY, आदि से भी सहायता ली जा सकती है ।प्रमोशन और स्टूडेंट एनरोलमेंट के लिए फील्ड में रह कर काम करना पड़ सकता है । सोशल मीडिया मार्केटिंग,स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य संगठनों से सहयोग,कॉलेजों और सामाजिक कार्य संगठनों के साथ टाई-अप
सरकारी योजनाओं के तहत ट्रेनिंग सेंटर खोलना । उस दौरान मास्टर ऑफ सोशल वर्क के विद्यार्थि पुष्पलता ,अंकिता ,वंदना ,अंजली ,संदीप , आंचल,किशन,पंकज, सोनू,निधि,शिवम,संदीप यादव आदि छात्र उपस्थित रहे ।
Comments
Post a Comment