उद्योग कार्यलय शक्षणिक भ्रमण
आज दिनांक 03/05/2024 पंडित एस एन शुक्ला . वि. वि . शहडोल प्रोफेसर नीलिमा खरे विभागाध्यक्ष जी के मार्गदर्शन में तथा सहायक प्राध्यापक अतिथि विद्वान नितिन गर्ग एवम डॉ अशोक डेहरीया के निर्देशन में समाज कार्य विभाग मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क के विद्यार्थियों ने जिला उद्योग कार्यालय शहडोल का शैक्षणिक भ्रमण किया उस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रबंधक मैडम जूही जी एवं प्रबंधक शैलेंद्र जी तथा सहायक प्रबंधक राम जी इनके द्वारा छात्रों को उद्योग कार्यालय में चल रही योजनाओं एवं गतिविधियों के बारे में विस्तार से समझाया गया तथा सेवा व्यवसाय एवं उत्पादन के बारे में शैलेंद्र जी के द्वारा काफी विस्तार से समझाने का प्रयास किया गया और छात्रों ने भी काफी लगन से उन बातों को नोट किया तथा सुना एवम जूही के द्वारा छात्रों की जिज्ञासाओं को शांत किया गया कि किस प्रकार के लोग उद्योग या उत्पादन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं तथा शैलेंद्र जी के द्वारा उद्योग स्थापित करने या शुरुआत करने के लिए किन-किन कागजों की आवश्यकता पड़ती है और उद्योग कार्यालय किस प्रकार से उनकी सहायता करता है या प्रेरणा देता है इस बारे में जानकारी प्रदान की गई। और छात्रों को एम एस एम ई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के बारे में बताया गया , मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना , प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम इनके बारे में विस्तार से बताया गया जैसे कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 50,000 से लेकर के 50 लाख तक की इकाई से शुरुआत की जा सकती है और सेवा क्षेत्र के बारे में बताया गया की 50,000 से लेकर 25 लाख तक के परियोजनाओं पर काम किया जा सकता है पात्रता की बात भी उन्होंने बताई जैसे 18 से 45 वर्ष की एक आयु सीमा रखी गई है और शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम आठवीं कक्षा होना आवश्यक है और कुछ सीमाएं हैं जैसे परिवार की वार्षिक आय 12 लाख से अधिक न होने यदि आवेदक का परिवार आयकर दाता है तो उसकी पिछली 3 वर्षों की आयकर विवरण या इनकम टैक्स रिटर्न आवेदन के साथ संलग्न किया जाना आवश्यक होता है एवं आवेदक स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्थान जैसे एम एफ, एन बी एफ सी ,एस बी, इत्यादि का डिफाल्टर घोषित नहीं हुआ हो या आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही ना हो ऐसे लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जाता है। विभाग ने वित्तीय सहायता, ब्याज अनुदान ,गारंटी फीस, प्रशिक्षण, पात्र परियोजनाएं , पात्र बैंक और योजना का क्रियान्वयन इन सब के बारे में विस्तार से समझाने का प्रयास किया । इस दौरान ऐसे विद्यार्थी जो उद्योग या रोजगार से संबंधित लघु- शोध या क्षेत्रीय कार्य कर रहे हैं वे उपस्थित रहे ।
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