पंडित शंभनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल संगीत विभाग के अतिथि व्याख्याता डॉ संजीव द्विवेदी जी छात्रों को मानव जीवन में संगीत का अत्यंत गहरा प्रभाव है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने, तनाव को कम करने और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने का एक सशक्त माध्यम है। समाज कार्य (Social Work) का उद्देश्य व्यक्तियों, समूहों और समुदायों की समस्याओं का समाधान करना, उन्हें प्रेरित करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इस प्रक्रिया में संगीत का प्रयोग एक प्रभावी साधन के रूप में किया जा सकता है, क्योंकि संगीत व्यक्ति के मन और मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव डालता है। भावनात्मक अभिव्यक्ति का साधन संगीत व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक सहज माध्यम है। समाज कार्य में जब क्लाइंट अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने में कठिनाई महसूस करता है, तब संगीत या गीतों के माध्यम से वह अपनी पीड़ा, खुशी या संघर्ष को आसानी से साझा कर सकता है। यह न केवल क्लाइंट की भावनात्मक शुद्धि (Catharsis) करता है, बल्कि समाज कार्यकर्ता को भी उसकी समस्याओं को गहराई से...
MSW Admission link https://ptsnsuonline.com/admission/ Addmission is open. M S W क्या होता है। आज आपको msw course के बारे में पूरी जानकारी बताएंगे अगर आप भी इस कोर्स के बारे में पूरी जानकारी को जानना चाहते हैं और इसको करना चाहते हैं msw ka full form kya hai, एम.एस.डब्ल्यू. कोर्स कैसे करें और इसके लिए जॉब किस किस फील्ड में हमको मिल सकता है इसके बारे में पूरी डिटेल इस पोस्ट के अंदर में आपको बताया जाएगा जिसे आप पूरे विस्तार से पढ़ें. आप इसके बारे में जानकारी को अच्छी तरीके से जान सकते हैं वैसे तो एमएसडब्ल्यू सोशल सर्विस का कोर्स है आज के समय में भारत जैसे देश में सबसे ज्यादा संख्या यूथ लोगों की है जो कि देश को बदलने के लिए और बेहतर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और youth साबित कर देते हैं कि देश का सच्चा निर्माण भी कर सकते हैं. तो आज इस पोस्ट के द्वारा ऐसा कोर्स की जानकारी जो कि यंगवर्ल्ड के लिए है और आप सोशल सर्विस यानी कि समाज सेवा का कार्य करना चाहते हैं तो यह कोर्स कर सकते हैं और उस सैक्टर मे सर्विस कर सकते हैं लेकिन आप यह सोच रहे होंगे यह सोशल वर्क क...
आज दिनांक 21.11.2025 पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल मध्य प्रदेश। विभाग अध्यक्ष समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग प्रोफेसर नीलिमा खरे जी के मार्गदर्शन में । भारतीय परिपेक्ष में आश्रम व्यवस्था को समझने हेतु शहडोल कल्याणपुर स्थित रामसखा आश्रम का भ्रमण किया गया और वहां जाकर के आश्रम के प्रबंधन एवं व्यवस्था को समझने का प्रयास किया गया। छात्रों को विजिटिंग फैकल्टी नितिन गर्ग जी द्वारा बताया गया की भारतीय संस्कृति में आश्रम व्यवस्था एक ऐसी सामाजिक तथा आध्यात्मिक संस्था है, जिसका उद्देश्य मानव जीवन के चरित्र निर्माण, ज्ञानार्जन, आत्मानुशासन, सामाजिक योगदान और मोक्ष की दिशा में मार्गदर्शन करना है। प्राचीन भारत में आश्रम न केवल शिक्षा के केंद्र थे बल्कि सामाजिक सेवा, धार्मिक अनुशासन, कृषि, चिकित्सा, विद्या, पर्यावरण संरक्षण एवं नैतिक मूल्य निर्माण के प्रमुख स्थल भी थे। आधुनिक संदर्भ में भी यह व्यवस्था सामाजिक कार्य, वृद्धजन सेवा, नशा मुक्ति, महिलाओं एवं बच्चों की देखभाल, शिक्षा, योग, ध्यान तथा ग्रामीण विकास जैसी गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए आश्...
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